टॉप 10 कार ब्रांड्स एच1 2025 की Maruti Suzuki सबसे ऊपर, Mahindra दूसरे स्थान पर पहुँची
एच1 2025 में पैसेंजर व्हीकल बिक्री के मामले में Maruti Suzuki ने पहले पायदान पर अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी, वहीं महिंद्रा ने टाटा और हुंडई को पीछे छोड़ते हुए दूसरा स्थान हासिल किया।
2025 की पहली छमाही में भारत के पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट ने धीमी लेकिन सकारात्मक वृद्धि दर्ज की। जनवरी से जून तक इंडस्ट्री के कुल डिस्पैच 21.89 लाख यूनिट्स पर पहुंचे, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 1.3 प्रतिशत की हल्की बढ़त को दर्शाते हैं। हालांकि, इस सीमित वृद्धि के भीतर अलग-अलग ऑटो कंपनियों के प्रदर्शन में साफ-साफ फर्क देखने को मिला।
2025 की पहली छमाही महिंद्रा के लिए एक अहम मोड़ साबित हुई। कंपनी ने पिछले वर्ष की तुलना में अपनी बिक्री में 50,000 से ज्यादा यूनिट्स का इज़ाफा करते हुए जनवरी से जून के बीच कुल 3.01 लाख यूनिट्स बेचीं। इस 20 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि ने महिंद्रा को टाटा और हुंडई से आगे निकाल दिया और इसे भारत की दूसरी सबसे बड़ी पैसेंजर व्हीकल निर्माता कंपनी के रूप में स्थापित कर दिया।
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Maruti Suzuki 360° View
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महिंद्रा की हालिया सफलता के पीछे स्कॉर्पियो एन, थार रॉक्स और एक्सयूवी 3एक्सओ जैसे नए मॉडलों को उपभोक्ताओं से मिली जोरदार प्रतिक्रिया अहम रही। दूसरी ओर, मारुति सुजुकी अब भी देश की सबसे बड़ी पैसेंजर व्हीकल निर्माता बनी हुई है, लेकिन 2025 की पहली छमाही में इसके प्रदर्शन में धीमापन नजर आया। जनवरी से जून के दौरान कंपनी ने कुल 8.78 लाख यूनिट्स की डिलीवरी की, जो कि एच1 2024 की तुलना में लगभग दो प्रतिशत या 20,000 यूनिट्स कम है। यह गिरावट खासकर हैचबैक और अन्य एंट्री-लेवल सेगमेंट्स में जारी मांग की कमी को दर्शाती है।

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| क्रमांक | ब्रांड | एच1 2025 बिक्री | एच1 2024 बिक्री | वृद्धि (%) |
|---|---|---|---|---|
| 1. | मारुति सुजुकी | 8,78,705 | 8,98,905 | –2% |
| 2. | महिंद्रा | 3,01,194 | 2,50,348 | 20% |
| 3. | हुंडई | 2,85,809 | 3,09,772 | –8% |
| 4. | टाटा | 2,69,968 | 2,93,122 | –8% |
| 5. | टोयोटा | 1,61,531 | 1,40,027 | 15% |
| 6. | किया | 1,42,139 | 1,26,137 | 13% |
| 7. | स्कोडा | 36,194 | 15,462 | 134% |
| 8. | होंडा | 32,096 | 36,871 | –13% |
| 9. | एमजी | 31,602 | 26,903 | 17% |
| 10. | फॉक्सवैगन | 18,780 | 19,397 | –3% |
| 11. | रेनॉ | 16,031 | 23,100 | –31% |
| 12. | निसान | 11,723 | 15,041 | –22% |
| 13. | सिट्रॉन | 2,427 | 3,335 | –27% |
| 14. | जीप | 1,534 | 2,185 | –30% |
| कुल | 21,89,733 | 21,60,605 | 1.3% |
हुंडई और टाटा मोटर्स ने 2025 की पहली छमाही में लगभग समान गिरावट का अनुभव किया — दोनों की बिक्री में साल-दर-साल लगभग आठ प्रतिशत की कमी आई। हुंडई की बिक्री में जहां करीब 24,000 यूनिट्स की गिरावट दर्ज की गई, वहीं टाटा को भी 23,000 से ज्यादा यूनिट्स का नुकसान हुआ। टाटा के लोकप्रिय मॉडल पंच और नेक्सॉन भी इस गिरावट को थाम नहीं सके। दूसरी ओर, टोयोटा और किया ने इस अवधि में मजबूत वृद्धि दर्ज करते हुए सकारात्मक प्रदर्शन किया।
टोयोटा ने 2025 की पहली छमाही में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी सालाना बिक्री में 15 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, जिससे इसके आंकड़ों में 21,500 से अधिक यूनिट्स का इज़ाफा हुआ। किया ने भी सकारात्मक रुख दिखाया और 13 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1.42 लाख यूनिट्स की डिलीवरी की। वहीं, स्कोडा ने सभी कंपनियों को पीछे छोड़ते हुए सबसे तेज़ वृद्धि दर्ज की — एच1 2024 की तुलना में इसकी बिक्री में 134 प्रतिशत की उछाल आई और इसके वॉल्यूम 15,000 से बढ़कर 36,000 यूनिट्स से अधिक हो गए।
हालांकि एमजी का मार्केट शेयर अभी भी पाँच प्रतिशत से कम है, लेकिन कंपनी ने 17 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि हासिल की और उसके डिस्पैच 31,000 यूनिट्स के पार पहुँच गए। इसके विपरीत, रेनॉ को भारी नुकसान झेलना पड़ा, जिसकी बिक्री में 31 प्रतिशत की तेज गिरावट दर्ज की गई — यानी 7,000 से ज्यादा यूनिट्स की कमी। निसान की बिक्री में भी 22 प्रतिशत की गिरावट देखी गई, जबकि सिट्रॉन और जीप ने क्रमशः 27 प्रतिशत और 30 प्रतिशत की गिरावट के साथ कमजोर प्रदर्शन किया।
होंडा ने 2025 की पहली छमाही में 32,000 से कुछ अधिक यूनिट्स की बिक्री के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, लेकिन इस दौरान कंपनी को 13 प्रतिशत की गिरावट का सामना करना पड़ा। फॉक्सवैगन की बिक्री में भी हल्की—करीब 3 प्रतिशत—कमी आई, और इसके डिस्पैच लगभग 19,000 यूनिट्स पर स्थिर रहे। कुल मिलाकर, ऑटो उद्योग ने 1.3 प्रतिशत की मामूली वृद्धि जरूर दिखाई, लेकिन इस आंकड़े के पीछे बाजार में ब्रांड्स के प्रदर्शन में गहराता अंतर छिपा रहा। वहीं, महिंद्रा, टोयोटा, किया, स्कोडा और एमजी जैसे कुछ ब्रांड्स ने इस अवधि में दमदार प्रदर्शन कर अपनी पकड़ मजबूत की।